मुरूम माफियाओ ने मुरूम खोद कर खनिज संपदा को नुकसान पहुंचा रहा है।




तिल्दा नेवरा।तिल्दा ब्लाक के ग्राम पंचायत मूरा में आए दिन हो रहा मुरुम  मिट्टी का अवैध खनन, निजी मालिक  को मुरुम मिट्टी बेच कर शासन को लगा रहे लाखों का चूना लगा रहा है।

ग्राम पंचायत मूरा में निजी तालाब को बिना प्रस्ताव के  पाट रहे हैं

ग्राम मूरा में अवैध मुरुम मिट्टी खनन धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी जानकारी  को सरपंच  को  भी  नही है ठेकेदार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन कर मुरुम मिट्टी परिवहन कर रहे हैं। आलम यह है कि मुरुम वाली जगह में 7 से 8 फीट तक गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। खनन माफियाओं द्वारा तालाबों को बेहतरीन ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है और शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है मिली जानकारी के अनुसार ग्रामपंचायत कुर्रा में गत दिनो से खनिज माफियाओं द्वारा मुरुम खनन का कार्य किया जा रहा है।       लंबे समय से बिना ग्रामपंचायत के प्रस्ताव व खनिज विभाग के बिना परमीशन के धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है सूत्र बताते है की लगातार यहां दो जेसीबी और हाइवा परिवहन में लगे हुए हैं। मुरूम  मिट्टी का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर जमीन को खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। 


उल्लेखनीय है कि अब तक यहां लगभग 7 से 8 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा बन चुका है। कई ट्रीप मुरुम का परिवहन बिना ग्रामपंचायत के प्रस्ताव व खनिज विभाग के परमीशन के बिना किया जा चुका है ऐसे में जमीन खाई बन गई है। तालाब में कभी भी अनहोनी की घटना घट सकती है। तालाब में भी मुरूम  मिट्टी के अवैध खनन का मामला प्रकाश में आया है फिर भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।


अधिकारियों की निष्क्रियता हो रही उजागर


जानकारी के अनुसार अवैधखनन में  तलाब मालिक  और  ठेकेदारों की संलिप्तता देखी जा रही है। संबंधित खनिज विभाग के अधिकारियों के निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है।और खेत को गड्ढा कर  खनन कर सैकड़ों ट्रक मुरुम  मिट्टी परिवहन किया जा चुका है पहले किसी भी प्रकार का परमिशन खनिज विभाग से नहीं लिया गया जब पत्रकारों ने इस अवैध खनन के बारे मे जानकारी मांगी गई तो ठेकेदार द्वारा  कोई भी दस्तावेज नही उपलब्ध नहीं कर पाए  


निजी जमीन को कर रहे है बर्बाद



अवैध खनन का आलम यह है कि खनन माफियाओं द्वारा कहीं पर भी निजी  भूमि को खोद दिया जा रहा है, वहीं तालाबों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। गौरतलब हो कि अल्प वर्षा व भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर तालाब सूख चुके हैं, ऐसी स्थिति में गांव के सूख चुके तालाब में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आने वाले दिनों में तालाब में निस्तारी को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीण और मवेशी हो सकते हैं चोटिल

ग्राम मूरा के ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफियाओं द्वारा  निजी तालाब को बेहतरीन ढंग से खोदकर मुरुम निकाला जा रहा है। गहरे गड्ढे में मवेशी और ग्रामीण गिरकर चोटिल होने की संभावना बनी हुई हैं।

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