पुलिस और जनता के बीच संबंध
पुलिस विभाग का संगठन समाज में होने वाले अपराधों की जांच और रोकथाम और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किया गया है। अर्थात न्याय व्यवस्था में पुलिस वह प्रथम पायदान है जो किसी घटना को जानता है और उस घटना के पक्ष और विपक्ष,आरोप और प्रत्यारोप का विश्लेषण बिना पक्षपात किये न्याय करता हुआ अपराध करने वाले के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही करता है।इस कार्य के लिए, पुलिस को बिना किसी पक्ष में रहने के लिए, उसका तटस्थ और निष्पक्ष होना अत्यंत आवश्यक होता है ।इस कारण शुरू से ही समाज और पुलिस के मध्य एक दूरी रहा है ताकि समाज पुलिस को अपने हथियार की तरह उपयोग न कर सके। क्षितिज मिश्रा की खास चर्चा.......सुनिता नाग बंजारे निरिक्षक थाना प्रभारी, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा. से। पुलिस के निष्पक्ष होने के प्रयास के कारण समाज ने पुलिस की छबी को असामाजिक और असंवेदनशील मानना प्रारंभ कर दिया और शनै शनै पुलिस और समाज के मध्य की खाई बढ़ती चली गई। समयांतराल में समाज में आधुनिकता का संक्रमण,कानूनी ज्ञान की कमी,अपराधो का अप्रत्याशित वृद्धि, पुलिस की छबी में सुधार लाने के प्रयास ऐसे कुछ कारण थे जिसके...