रोका छेका अभियान कागज में पास लेकिन हकीकत में फैल।
राज्य सरकार ने फसलों की सुरक्षा, किसानों की आय को बढ़ाने के लिए और शहरों की सड़कों पर घूम रहे मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से रोका-छेका अभियान की शुरुआत की थी. लेकिन तिल्दा नेवरा में यह अभियान फेल होता नजर आ रहा है.शासन के निर्देशों के बावजूद तिल्दा नेवरा नगर पालिका क्षेत्र में रोका छेका अभियान धरातल पर नजर नहीं आ रहा है. पशुओं की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार ने रोका छेका अभियान की शुरुआत की थी. जिसके तहत मवेशियों को गौठानों में रखने की योजना है. शासन की महत्तवकांक्षी योजना का क्रियान्वयन सिर्फ दिखावे तक ही सीमित नजर आ रहा है. तिल्दा नेवरा नगर पालिका क्षेत्र में आज भी मवेशी सड़कों पर बैठे नजर आ रहे हैं. ये मवेशी हादसों को आमंत्रित कर रहे है. बारिश के बाद मवेशी अक्सर मुख्य सड़कों पर बैठ जाते है, जिनकी चिंता न तिल्दा नेवरा नगर पालिका प्रशासन कर रहा है और न ही यातायात विभाग. अभी गांव गांव में यातायात विभाग द्वारा जन चौपाल लगाकर लोगो को यातायात के नियम और सावधानी बताया जा रहा अधिकारी जिन रास्तो ...