कका हमर जिंदा हे।

 


एक रूपया के चाऊर,

फोकट म नुन,,

निराश्रित के पैसा म,

तीरथ बरत घूम,,

कहिबे त निंदा हे,

कका हमर जिंदा हे,,

एक दिन चाउर बर कमाना हे,

बाकी दिन भट्ठी म ठिकाना हे,,

चखना म हाडा चूचरना हे,

घर म डौकी लईका ल कुचरना हे,,

का होगे ददा पी के आए हे,

डबर रोटी बर शीशी लाए हे,,

नाश्ता बर का के चिंता हे,

कका हमर जिंदा हे,,

कमावन भाय नहीं,

कमाए बर आय नहीं,,

अध्धी नहीं त पव्वा पीना हे,

डऊकी के कमई म जीना हे,,

काय के चिंता हे,

कका हमर जिंदा हे,,

चाऊर मिले जवानी म,

बुढ़ापा म मिले पेंशन,,

सरकार घर के ठेका लेे हे,

का चीज के टेंशन,,

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