संभव स्पंज एवं पॉवर लिमिटेड द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया
तिल्दा नेवरा। पेड़ पर्यावरण का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। धरती पर पेड़ों और पौधों के अस्तित्व के बिना मनुष्य और जानवरों की अन्य प्रजातियों का अस्तित्व संभव नहीं है। यही कारण है कि पेड़ों को काटने की निंदा की जाती है और वृक्ष वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हानिकारक गैसों को न केवल अवशोषित करते हैं बल्कि जल प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पर्यावरण को संतुलित रखने के और अधिक से अधिक पौधे लगाने के उदेश्य से संभव स्पंज एवं पॉवर लिमिटेड ग्राम पंचायत सरोरा में सरपंच बिहारी लाल वर्मा की उपस्थिति में ग्रामीण जनो को २०० फलदार पौधो का वितरण किया गया तथा पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया एवं पौधरोपण की तकनीक के बारे में भी जानकारी दी गईसरपंच बिहारी लाल वर्मा ने कहा की पेड़ लगाने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वे कार्बन डाइऑक्साइड और साँस छोड़ते ऑक्सीजन लेते हैं। और पर्यावरण में ऑक्सीजन की आवश्यकता सभी को पता है।
पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड को साँस लेते हैं बल्कि पर्यावरण से विभिन्न अन्य हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। इन दिनों बहुत अधिक वाहन और औद्योगिक प्रदूषण है। अधिक पेड़ लगाने से काफी हद तक प्रदूषित हवा से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी पेड़ पर्यावरण को ठंडा रखते हैं। वे गर्मी को शांत करने में मदद करते हैं। उनका शीतलन इतना अधिक है कि यह पास के स्थानों में एयर कंडीशनर की आवश्यकता को 50% तक कम कर सकता है पेड़ो के और भी बहुत लाभ है सरपंच ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा की आप सभी काम से काम एक पेड़ अवश्य लागए और उसकी देखभाल करे ।संभव स्पंज एवं पॉवर लिमिटेड के एच् आर हेड *ऍम जी के मूर्ति ने कहा की पेड़ और पौधे वास्तव में किसी व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। ऐसा स्थान जहाँ पेड़ न हों, प्राकृतिक रूप से दुःखद प्रतीत होता है, जबकि अच्छी संख्या में पेड़ों से घिरा हुआ स्थान स्वतः ही जीवंत और रहने / मिलने लायक हो जाता है। पेड़ न केवल हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखते हैं बल्कि हमारे दिमाग के विकास में सहायक होते हैं। पेड़ों का हमारे दिमाग पर शांत प्रभाव पड़ता है और शांति धैर्य रखने की कुंजी है। कोई है जो रोगी है बेहतर निर्णय ले सकता है और विभिन्न परिस्थितियों में अच्छी तरह से काम कर सकता है।यह कहा जाता है कि पत्तेदार पेड़, जलती हुई धाराएं, और हरी घाटियां सभी एक प्राकृतिक उपचार संपत्ति प्रदान करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे सांस लेने के लिए ताजी हवा देते हैं और हम पर शांत प्रभाव डालते हैं। यही कारण है कि लोगों को अपनी बीमारियों से उबरने के लिए हिल स्टेशनों पर जाने का सुझाव दिया जाता है। यह भी कहा जाता है कि जो लोग पेड़ों और प्रकृति के करीब रहते हैं, वे कम बीमारियों का शिकार होते हैं। वे उन लोगों की तुलना में अधिक तेजी से चंगा करते हैं जो अपने कृत्रिम शहरी वातावरण में बंद रहते हैं मूर्ति ने आगे कहा की हमारेप्लांट संभव स्पंज एवं पॉवर लिमिटेड द्वारा आस पास के ग्रामीण अंचल में पौधो का वितरण किया जा रहा और हम आप सभी से अनुरोध करते है की आप अधिक से अधिक पेड़ लगाए ।कृषि विस्तार अधिकारी गरिमा जायसवाल ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी ने दुनिया को बता दिया है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ करना आने वाले दिनों में और भी महंगा पड़ सकता है। यदि मानव को पर्यावरण का संरक्षण करना है तो पेड़ पौधों को बचाना पड़ेगा जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है। वातावरण को दूषित होने से पौधों की अहम भूमिका होती है। परंतु बीते कुछ समय से जिस तरह से पौधों की संख्या कम हुई है। उससे वातावरण दूषित होता है। वातावरण को दूषित होने से बचाने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए।अधिक वन क्षेत्र होगा तो बरसात भी अधिक होगी। जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी कि पौधारोपण अभियान चलाया जाये। लोग पौधारोपण तो कर लेते हैं, लेकिन बाद में देखभाल नहीं करते। जिसके कारण पौधा सूख जाता है। इसलिए जरूरी है कि पौधारोपण करने के बाद उसकी नियमित रूप से देखभाल की जाए।तभी लगातार कम होते पौधों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। जब भी हो सके अपनी सुविधानुसार एक पेड़ अवश्य लगाएं। यह समाज के लिए आपकी भागीदारी होगी पौधों के वितरण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरोरा के सरपंच बिहारी लाल वर्मा; कृषि विस्तार अधिकारी गरिमा जायसवाल संभव स्पंज एवं पॉवर लिमिटेड के ऍम जी के मूर्ति:धर्मेश कुमार नायक ;दीपक अग्रवाल ग्राम पंचायत सरोरा के पंचगण जनप्रतिनिधि एवं ग्राम वासी उपस्थित थे।
