कलेक्टर ने 11 राइस मिलों को काली सूची में दर्ज आदेश जारी
प्रदीप कुमार/रायपुर। कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 में दिये गये प्रावधानों के उल्लंघन करने पर कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने रायपुर जिले के 11 राइस मिलों को काली सूची ( ब्लैक लिस्टेड) में दर्ज करने का आदेश जारी किया है, जिस राइस मिलों को काली सूची में दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है उसमें नेवरा के सत्यनारायण नत्थूलाल मिल, सिनोधा रोड तिल्दा नेवरा के मुनका राइस मिल, तुलसी नेवरा के पंजवानी फूड्स , विधानसभा रोड सकरी के संजय ग्रेन प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड ,
केंवराडीह खरोरा के दशमेश इंडस्ट्रीज,खौलीडबरी तहसील तिल्दा के एनबीए फूड्स, ग्राम पिपरोद तहसील अभनपुर के श्री बालाजी राइस मिल, ग्राम कुर्रा नयापारा के महक राइस इंडस्ट्री ,नवागांव कोलियरी तहसील अभनपुर के हरिओम इंडस्ट्रीज , सातपारा धमतरी रोड अभनपुर के निर्मला राइस प्राइवेट लिमिटेड और आरंग रोड बुडेरा खरोरा के गुरुनानक राइस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। आपको बता दे कि किसी भी पंजीकृत मिल को उसके वार्षिक मिलिग क्षमता के आधे मिलिंग क्षमता का उपयोग कस्टम मिलिंग के प्रयोजन हेतु किया जाना है.!
जिले की 11 अरवा राइस मिलर्स के द्वारा शासकीय धान के कस्टम मिलिंग के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2020- 21 में धान का उठाव नहीं किया गया है।
इस प्रकार इन राइस मिलर्स के द्वारा छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 3(2)(3)4(5) का उल्लंघन है जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है। जिला खाद्य नियंत्रक ने शासकीय धान के कस्टम मिलिंग कार्य में रूचि नहीं लेने वाले राईस मिलर्स को धान उठाव नहीं करने के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था तथा उन्हें धान उठाव करने हेतु लगातार निर्देशित भी किया जाता रहा है निर्देश को नहीं मानने पर 11 राइसमिलों को फरवरी 2022 तक के लिए मिलिंग कार्य से वंचित कर दिया गया है।

